सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भारत भ्रमण

 भारत भ्रमण









भ्रमण करना मनुष्य का स्वभाव है, मनुष्य एक जगह बैठकर नहीं रह सकता... शुरू से ही मनुष्य यात्राएं करते आया है... मनुष्य यात्राएं नहीं करता तो... ना सभ्यताओं का विकास होता और ना ही तकनीक का... एक जगह से दूसरी जगह जाने पर नई चीजें देखने को मिलती है... उन्हीं नई चीजों को देखकर मनुष्य का मस्तिष्क एक अलग प्रकार से काम करता है... जब यात्राएं होंगी तो इस दौरान समस्याएं भी आएगी... समस्याओं के समाधान खोजे जायेंगे... समाधान से तकनीक विकसित होगी... और तकनीक ही सबकुछ है, दुनियां में, आपके पास तकनीक है तो आप दुनियां को अपने हिसाब से जी सकते हैं, 
भ्रमण करने से आदमी का दिल और दिमाग हल्का होता है, जब आदमी भ्रमण करने या घूमने निकलता है तो उसे बहुत सारी चीज़ें चाहिए होती हैं... उन चीजों की पूर्ति स्थानीय लोगों से ही होगी... रोजगार बढ़ेगा... सार ये है कि भ्रमण से ही ये दुनिया चल रही है... कई लोगों को विदेशों में भ्रमण करना पसंद है, कई लोग अपने ही देश में घूमने के शौकीन होते हैं... जब आप किसी विदेश में घूमने जायेंगे तो उसका फायदा उस देश को होगा... अप्रत्यक्ष तौर पर कहा जाए तो अपने देश को नुकसान होगा... इसका मतलब ये नहीं है कि आपको किसी विदेश में घूमने जाना ही नही चाहिए... जरूर जाना चाहिए लेकिन जाने से पहले अपने देश में भ्रमण कर लेना चाहिए... अपने देश की संपूर्ण जानकारी आवश्यक है, वरना आप जब विदेश में किसी जगह पर जायेंगे तो उस देश और अपने देश की तुलना कैसे करेंगे...?
विदेशी जब भारत में आते हैं तो वो यहां की किसी स्थानीय जगह कि जो उन्हें पसंद आई हो... फटाक से अपने देश की किसी जगह से तुलना कर देंगे... जैसे थर्मोपल्ली ऑफ इंडिया, वेनिस ऑफ इंडिया, पेरिस ऑफ इंडिया आदि... क्या ऐसा नहीं हो सकता कि जब हम विदेश में जाएं और वहां की किसी जगह पर जाएं तो तो ये क्यों नहीं कह सकते कि... यूरोप का मेवाड़, यूरोप का उदयपुर, अमेरिका की दिल्ली... या रसिया की शिमला, या अफ्रीका का जोधपुर... क्यों नहीं...? क्योंकि हम कभी अपने देश में ठीक से घूमें ही नहीं...! 

आज हम आपको भारत में स्थित कुछ जगहों के बारे में बता रहे हैं, जहां एक बार आपको जाना चाहिए... अपना देश है... स्वतंत्र है... कहीं भी आ जा सकते हैं... अपने देश में भ्रमण करेंगे तो अपने लोगों को रोजगार मिलेगा... 

राजस्थान



   राजस्थान भ्रमण करने के लिए अच्छा राज्य है, आप किसी भी मौसम में यहां भ्रमण करने आ सकते हैं... यहां बड़े बड़े किले, महल, हवेलियां, तीर्थ स्थल... आपको बहुत प्यारे लगेंगे... आप इनमें खो जायेंगे... आप जैसलमेर जाकर रेतीले टीलों का आनंद ले सकते हैं... जोधपुर में किलों और पुराना शहर और यहां के भोजन का आनंद ले सकते हैं... आप गुलाबी नगरी जयपुर में में यहां का शहर देख सकते हैं, उदयपुर यानी झीलों की नगरी में घूमने का आनंद ले सकते हैं... भरतपुर में आप केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान और लोहागढ़ का किला देख सकते हैं, पूरा राजस्थान दर्शनीय है, आप राजस्थान आइए... आप पाकिस्तान बॉर्डर से लेकर भरतपुर तक राजस्थान के अलग अलग रंगों को महसूस करेंगे...! सिरोही से लेकर हनुमानगढ़ तक बोली और व्यंजनों की मिठास अपने आप सजीव होती हुई देखेंगे...!

मध्य भारत



    भारत में अगर जीवन को बेहद नजदीक से देखना चाहते हैं तो आपको मध्यप्रदेश आना चाहिए... यहां का रहन सहन, भोजन, यहां की बोली, यहां के गांव, यहां के शहर आपको निराश नहीं करेंगे... इंदौर से ग्वालियर तक... भोपाल से खजुराहो तक...उज्जैन से मांडू तक... आप जीवन के रंग बिखरे हुए पाएंगे... राजस्थान की तरह ही मध्य प्रदेश या एमपी भी अपने आप में एक अलग ही प्रदेश है...! आपको विदेश जाने से पहले एक बार यहां पर आने के लिए जरूर सोचना चाहिए...!

उत्तर पूर्व










भारत का ये भाग अभी अछूता है, यहां अभी ज्यादा लोग नही जाते, यहां प्रकृति का आनंद ले सकते हैं... उत्तर पूर्व में भारत के सात राज्य हैं, सातों ही अपने आप में अनूठे... आप यहां रेल, हवाई जहाज या सड़क से भी पहुंच सकते हैं... आसाम में आप चाय के बागानों का, यहां कि संस्कृति का, कामाख्या देवी मंदिर, ब्रह्मपुत्र नदी आदि का आनंद ले सकते हैं... अरुणाचल, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, आदि बहुत सुंदर भू भाग ये है... एक बार यहां जरूर घूमना चाहिए...

हिमाचल, उत्तराखंड



 इन प्रदेशों का स्थान इस देश में सबसे अलग है, यहां आपको बर्फ से ढके पहाड़, वादियां, नदियां, झरने, निश्चल लोग... बड़े बड़े मंदिर... आदि देखने को मिलेंगे... आप शिमला से लेकर लाहौल स्पीति में स्थित सबसे ऊंचे डाकघर हिक्किम तक जा सकते हैं... यहां बाइक लेकर जाइए या कार, या फिर आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट से भी जा सकते हैं...! यहां तिब्बती और भारतीय संस्कृति को एकाकार होते हुए आप देख सकते हैं... आप एक बार यहां विजिट जरूर कीजिए... 

ओडिसा 

 ओडिसा या उड़ीसा, ये प्रदेश आपको निराश नहीं करेगा... आप पूरी के मंदिरों, भुवनेश्वर के शानदार व्यंजन, यहां के जंगलों, समुद्र तटों, नदियों, लोकजीवन, आदि एक्सप्लोर कर सकते हैं... 

गुजरात

गुजरात, ये राज्य अपने आप में ही परिपूर्ण है... आप अंबाजी से लेकर अहमदाबाद तक दर्शनीय स्थलों, यहां के कस्बों, गांवों... यहां के व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं... आप पोरबंदर से जूनागढ़ तक जीवन को एक फिल्म की भांति महसूस करेंगे... आप वापी से पालनपुर तक पग पग पर प्रकृति को अपने नजदीक पाएंगे... इस जगह की सुंदरता का बखान शब्दों में नही किया जा सकता... आप यहां आइए और एक बार महसूस कीजिए...!

महाराष्ट्र

छत्रपति शिवाजी महाराज की इस पावन भूमि पर एक बार आप आ गए तो यहीं के होकर रह जायेंगे... मुंबई की माया से यवतमाल की गलियों तक आप जीवन को करीब से देखेंगे... आप यहां के पहाड़, किले, गांव, सामान्य जन जीवन... यहां का भोजन, यहां के लोगों की जीवटता... देखने से मत चुकिएगा...!

दक्षिण भारत









भारत में अगर कुछ देखना ही तो आप कर्नाटक के हम्पी, यहां के गांव, प्राचीन और रहस्यमय मंदिर... यहां का ग्रामीण जन जीवन... आंध्र तेलंगाना के शहर, यहां की सादगी, जंगल... तमिलनाडु और केरल के तट, यहां के मंदिर, रामसेतु, ऊटी के चाय के बागान... इन राज्यों की खूबसूरती को शब्दों में पिरोना असंभव है, इन्हें सिर्फ आंखों से निहारा ही जा सकता है...!

गोवा




अगर आप भारत में ही विदेश को देखना चाहते हैं तो गोवा आइए... यहां के भारतीय और पुर्तगाली संस्कृति के संगम को देखिए, आप गोवा के बीच, यहां के बार... यहां की प्राकृतिक खूबसूरती महसूस कीजिए... 



आप विदेश जाने का विचार करने से पहले भारत में ही कोई जगह चुनिए, आप निराश नहीं होंगे... आपकी वजह से किसी जरूरतमंद को रोजगार मिलेगा... अपना देश देखने के बाद ही आप विदेशों का भ्रमण कीजिए, और अपने देश की तुलना वहां से कीजिए... आपको ये ब्लॉग कैसा लगा, कमेंट करके जरूर बताइए...! हम इसी तरह के लेख आपके लिए लाते रहेंगे...!
                   

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

किरायेदार से अपनी दुकान या अपना मकान कैसे खाली करवा सकते हैं...?

किरायेदार से अपनी दुकान या अपना मकान कैसे खाली करवा सकते हैं...?        एक परिवार या व्यक्ति के लिए आजीविका जीवन का आधार होती है... आजीविका का अर्थ है... आय का श्रोत, जहां से आपके घर में धन आता है, जिससे आप अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं... ये सरकारी नौकरी या खुद का व्यवसाय हो सकता है... कोई बेरोजगार होता है या आजीविका का स्थाई साधन नहीं होता, ऐसी स्थिति में धन की आवश्यकता रहती है, लेकिन आजीविका स्थाई नहीं होती... तब हमारे पास अपनी संपति होती है... जिसे या तो हम बेच सकते हैं या फिर उसे रेंट यानी किराए पर दे सकते हैं... किराए पर देने का विकल्प सबसे बेहतर होता है... इसमें किसी जरूरतमंद को रहने के लिए घर मिल सकता है या आपके पास कोई दुकान है तो अपनी दुकान चला सकता है... उसकी रहने या व्यवसाय की आवश्यकता पूरी हो जाती है, और उसके माध्यम से आपको धन  की...  लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम अपना घर या दुकान विश्वास करके किराए पर दे तो देते हैं लेकिन उस संपति को हमारे जरूरत पड़ने पर किरायेदार खाली करनें से मना कर देता है... या फिर दुर्व्यवहार करने पर उतारू हो जाता है....

भारत में कितने प्रकार के लॉ या कानून है.

 भारत में कितने प्रकार के लॉ या कानून है.     भारत की न्याय व्यवस्था विश्व की सबसे अलग और अनूठी न्याय व्यवस्था है, भारत की न्याय व्यवस्था का ध्येय है कि भले ही 100 अपराधी बच जाए लेकिन 1 भी निर्दोष फंसने ना पाए... शायद इसी वजह से भारत की न्याय व्यवस्था इतनी लचर और ढुलमुल दिखती है...  न्याय प्रणाली में अलग अलग कानूनों की अपनी शब्दावली है जो किसी को भी भुलभुलैया सी लगती है... जैसे आईपीसी, सीआरपीसी, एक्ट या सेक्शन... ये आर्टिकल इनके बारे में ही है...  एक्ट या अधिनियम एक्ट या अधिनियम, लोकसभा और राज्यसभा में पास हो जाता है और बाद में राष्ट्रपति की अनुमति मिल जाती है तो वो एक्ट या अधिनियम कहलाता है... जैसे CAA या कृषि बिल...! कोड या संहिता कोड या हिन्दी में संहिता, ये पहले से बना हुआ होता है, ऐसा लॉ सिस्टम जिसे संगठित करके वापस कानून बना दिया जाता है, उसे कोड कहते हैं... जैसे इंडियन पीनल कोड या भारतीय दण्ड संहिता और मोरल कोड ऑफ कंडक्ट या आचार संहिता. आर्टिकल या अनुच्छेद भारत का संविधान अलग अलग भागों में विभाजित किया गया है, ताकि कोई भी कानून ढूंढने में परेशानी ना हो......

गूगल पर क्या क्या सर्च नहीं करना चाहिए...?

गूगल पर क्या क्या चीजें सर्च नहीं करनी चाहिए...?   किसी जमाने में लोगों के पास कोई यक्ष, जिन्न, या प्रेत होता था, लोग उससे अपनी किसी भी बात का उत्तर जान लेते थे... आज हमारे पास गूगल है, मतलब आधुनिक और नया जिन्न...! हम अपनी जेब में लेकर घूमते हैं इसे.. अगर ये यक्ष हमारे पास से एक घंटे के लिए भी दूर हो जाए तो जिंदगी की कल्पना करना भी मुश्किल हो जाता है... कहीं का समाचार प्राप्त करना हो तो एक उंगली रगड़ी और सबकुछ आपकी आपकी आंखों के सामने... कोई गाना सुनना हो तो एक सेकंड में हाजिर... कोई फिल्म देखनी हो तो अगले ही क्षण आपके सामने... मतलब कुछ भी चाहिए तो गूगल महाशय है ना... गूगल ने जिंदगी आसान बना दी है हमारी... लेकिन... इसके नुकसान भी बहुत है... ये जिन्न साहब आपके जी का जंजाल बन सकते हैं, अगर इन्हें ठीक से ऑपरेट नहीं करें तो... आपकी सारी जानकारी एक पल में चोरों को सौंप देंगे ये... इसलिए इनसे कुछ भी पूछने से पहले आप थोड़ा सावधान रहिए...